कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित ईएसआईसी (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) अस्पताल में पदस्थ 30 वर्षीय डॉक्टर एल्विन वे का शव 29 अगस्त की शाम अस्पताल परिसर स्थित अपने सरकारी आवास में मिला। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर पूरी प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि मौत की असल वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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ड्यूटी पर नहीं पहुंचे डॉक्टर तो स्टाफ को हुई चिंता
डॉ. एल्विन की शनिवार सुबह 9 बजे अस्पताल की ओपीडी में ड्यूटी तय थी, लेकिन वे तय समय पर अस्पताल नहीं पहुंचे। स्टाफ ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन पर कोई जवाब नहीं मिला। घंटों तक जब कोई संपर्क नहीं हो पाया, तो शाम करीब 4 बजे सहकर्मी उनके आवास पर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद था और अंदर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर खिड़की का शीशा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, जहां उनका शव मिला। ESIC की आधिकारिक वेबसाइट
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सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाते हुए जांच प्रक्रिया शुरू की। पुलिस के मुताबिक, कुछ शारीरिक चोट के निशान भी मिले हैं, जिनकी वजह और घटनाक्रम की पूरी कड़ी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
डॉक्टर का केरल के पालक्काड से कोरबा तक का सफर
डॉक्टर एल्विन मूल रूप से केरल के पालक्काड जिले के रहने वाले थे। उन्होंने तमिलनाडु के कोयंबटूर से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। करीब एक साल पहले उनकी पोस्टिंग कोरबा के ईएसआईसी अस्पताल में हुई थी, जहां वे अस्पताल परिसर स्थित कर्मचारी आवास में अकेले रहते थे। सहकर्मियों के मुताबिक, वे अपने काम को लेकर गंभीर और शांत स्वभाव के डॉक्टर के तौर पर जाने जाते थे।
पुलिस जांच में सामने आया डॉक्टर के निजी जीवन से जुड़ा पहलू
पुलिस जांच के शुरुआती दौर में यह जानकारी सामने आई है कि डॉ. एल्विन का कोयंबटूर की एक युवती से करीब दो साल से करीबी रिश्ता था। दोनों की मुलाकात कोचिंग के दौरान हुई थी, और दोनों परिवार शादी के लिए राजी भी बताए जा रहे थे। जानकारी के मुताबिक, वे 11 अगस्त को कोयंबटूर गए थे, जहां उन्होंने युवती के परिवार से मुलाकात की और 12 अगस्त को पालक्काड स्थित एक चर्च में शादी के लिए आवेदन भी दिया था। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर मतभेद हुआ और रिश्ता टूट गया। कोरबा जिला प्रशासन

सहकर्मियों के मुताबिक, कोरबा लौटने के बाद डॉ. एल्विन का व्यवहार पहले जैसा सामान्य नहीं रहा और वे कुछ चुप-चुप और उदास नजर आने लगे थे। पुलिस अब इस पहलू को भी जांच का एक हिस्सा मानते हुए आगे की पड़ताल कर रही है। सीएसपी कोरबा प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी कुछ जानकारी सामने आई है, और पुलिस परिजनों तथा करीबियों के बयान दर्ज कर पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
तीन दिन पहले बुलाया था माता-पिता को
इस पूरे घटनाक्रम में एक भावुक कर देने वाला पहलू भी सामने आया है। घटना से करीब तीन दिन पहले डॉ. एल्विन ने अपने माता-पिता को फोन कर तबीयत खराब होने की बात कहते हुए कोरबा आने को कहा था। शनिवार को जब माता-पिता कोरबा पहुंचे, तो उन्हें अपने बेटे की मौत की खबर मिली। परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद और सदमे में डालने वाली रही।
जांच जारी, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए शवगृह में रखवाया है। सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के मुताबिक, पुलिस परिजनों और करीबियों के बयान दर्ज कर रही है और मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह और पूरी परिस्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
डॉक्टर एल्विन की मौत ने न सिर्फ ईएसआईसी अस्पताल स्टाफ, बल्कि कोरबा के स्थानीय लोगों को भी गमगीन कर दिया है। एक युवा डॉक्टर, जो दूर केरल से आकर छत्तीसगढ़ के इस औद्योगिक शहर में लोगों की सेवा कर रहा था, का इस तरह असमय चले जाना कई सवाल छोड़ गया है, जिनके जवाब आने वाले दिनों में जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेंगे।
