मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट: 18 राज्यों में भारी बारिश का खतरा, दिल्ली से लेकर उत्तराखंड तक आफत की आहट

मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट: 18 राज्यों में भारी बारिश का खतरा, दिल्ली से लेकर उत्तराखंड तक आफत की आहट

नई दिल्ली। देश में मानसून की रफ्तार एक बार फिर तेज हो गई है और मौसम विभाग ने इसे लेकर बड़ा अलर्ट जारी कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ समेत देश के 18 से 19 राज्यों में भारी बारिश, वज्रपात और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज आंधी को लेकर मौसम विभाग का अलर्ट जारी किया है। यह मौसम विभाग का अलर्ट सिर्फ एक दिन की चेतावनी नहीं है, बल्कि अगले पांच दिनों तक देश के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में लेने वाला है।

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आखिर क्यों बिगड़ा मौसम का मिजाज?

मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर बने चक्रवाती परिसंचरण और पूर्वी उत्तर प्रदेश में सक्रिय मौसमी सिस्टम की वजह से देश के बड़े हिस्से में मानसूनी गतिविधियां तेजी से बढ़ गई हैं। इसी वजह से मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान को लेकर एडवाइजरी जारी की है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD)

उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट के पास बने अच्छी तरह से चिह्नित कम दबाव वाले क्षेत्र के असर से पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

दिल्ली-एनसीआर में 1 सितंबर से बदलेगा मौसम का रुख

राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 31 अगस्त को बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 35°C और न्यूनतम तापमान 27°C के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक, एक सितंबर को दोपहर से शाम के बीच कई स्थानों पर हल्की बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है, जबकि 2 सितंबर को कई जगह हल्की तो कहीं-कहीं मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है।

उत्तर प्रदेश में 20 से ज्यादा जिलों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट

यानी दिल्लीवासियों के लिए राहत की खबर फिलहाल नहीं है — 1 सितंबर से मानसूनी हवाएं और अधिक सक्रिय होंगी, जिससे राजधानी में रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।

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उत्तर प्रदेश में 20 से ज्यादा जिलों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग का अलर्ट खासा गंभीर है। लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और अयोध्या समेत 20 से अधिक जिलों में मध्यम से भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, जौनपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, संत कबीर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, भदोही, चंदौली और मिर्जापुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों के साथ-साथ मेरठ, शामली, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा और संभल जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों को भी मौसम विभाग के अलर्ट के दायरे में रखा गया है।

बिहार में मूसलाधार बारिश, औरंगाबाद में पहले ही रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक, 1 से 5 सितंबर के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश के काफी बड़े इलाके में बारिश होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर तक कहीं-कहीं भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

बिहार में मूसलाधार बारिश, औरंगाबाद में पहले ही रिकॉर्ड बारिश

बिहार को लेकर भी मौसम विभाग का अलर्ट कम गंभीर नहीं है। पटना, गया, सारण, गोपालगंज, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर और सुपौल में मूसलाधार बारिश के साथ तेज आंधी चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे न जाने की सख्त सलाह दी है।

गौरतलब है कि पिछले 24 घंटों में बिहार के औरंगाबाद में 8 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो यह बताने के लिए काफी है कि मौसम विभाग का यह अलर्ट कोई मामूली चेतावनी नहीं है। 1 और 2 सितंबर को भी बिहार में बारिश जारी रहने की संभावना है, जबकि 3 से 5 सितंबर के बीच कुछ इलाकों में एक बार फिर बारिश लौट सकती है।

मौसम विभाग का अलर्ट : पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड की चेतावनी, उत्तराखंड में सबसे ज्यादा खतरा

पहाड़ी इलाकों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट सबसे ज्यादा चिंताजनक है। उत्तराखंड के अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल और उत्तरकाशी जिलों में अगले 24 घंटे के लिए कम से मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड जोखिम की चेतावनी दी गई है। राज्य में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक काफी व्यापक बारिश की संभावना है, और 31 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।

मौसम विभाग का अलर्ट : पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश में भी शिमला, सिरमौर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू और लाहौल समेत कई जिलों में 31 अगस्त से 5 सितंबर के बीच भारी बारिश का मौसम विभाग का अलर्ट जारी है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के भी विभिन्न जिलों में तेज बारिश के चलते भूस्खलन की चेतावनी दी गई है।

ओडिशा-छत्तीसगढ़-झारखंड में अत्यंत भारी बारिश का खतरा

पूर्वी भारत के राज्यों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट सबसे तीखा है। ओडिशा में 31 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, और 1 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं छत्तीसगढ़ में भी 31 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग का अलर्ट जारी किया गया है।

झारखंड में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है। यहां 31 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा है और राज्य में 31 अगस्त से 2 सितंबर तक काफी बड़े इलाके में बारिश होने की संभावना है। पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, हजारीबाग, गढ़वा और चतरा जिलों में अगले 24 घंटे के लिए कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम बताया गया है। लगातार बारिश की वजह से इन क्षेत्रों के निचले इलाकों में जलभराव और सतही पानी के तेज बहाव की स्थिति बन सकती है।

ओडिशा-छत्तीसगढ़-झारखंड में अत्यंत भारी बारिश का खतरा

किन 18 राज्यों में जारी है मौसम विभाग का अलर्ट?

मौसम विभाग का अलर्ट जिन राज्यों को कवर कर रहा है, उनकी सूची भी काफी लंबी है — उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल तक इस अलर्ट का दायरा फैला हुआ है। यानी देश का शायद ही कोई बड़ा हिस्सा इस बार मानसून की मार से अछूता रहने वाला है।

जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा, यातायात पर भी पड़ेगा असर

मौसम विभाग का अलर्ट भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, बाढ़, भूस्खलन और मिट्टी खिसकने जैसी स्थितियां बन सकती हैं। इसके अलावा तेज हवाओं और बारिश से पेड़ों की शाखाएं टूटने, कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने और सड़क-रेल यातायात प्रभावित होने की भी आशंका जताई गई है।

अगले 24 घंटों में ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड के कई जिलों में कम से मध्यम स्तर के अचानक बाढ़ के खतरे का अनुमान भी जताया गया है। यही वजह है कि मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

राजस्थान को फिलहाल राहत, लेकिन ज्यादा दिन नहीं

एक तरफ जहां देश के ज्यादातर राज्यों में मौसम विभाग का अलर्ट लोगों को सतर्क कर रहा है, वहीं राजस्थान के लिए फिलहाल कुछ राहत की खबर है। मौसम विभाग ने 31 अगस्त के लिए राजस्थान में कोई चेतावनी जारी नहीं की है, यानी आज राज्य में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है। हालांकि यह राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं लगती, क्योंकि 1 से 5 सितंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, वहीं पश्चिमी राजस्थान में 3 से 5 सितंबर के बीच बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग का अलर्ट : अगले कई दिनों तक बना रहेगा बारिश का असर

मौसम विभाग के अनुसार, यह सिर्फ एक-दो दिन की बात नहीं है। अगले कुछ दिनों में पूर्वी और मध्य भारत के साथ-साथ उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का असर बना रहेगा। खासतौर पर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के लोगों को अगले कई दिनों तक मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लेने की जरूरत होगी।

कुल मिलाकर, मौसम विभाग का अलर्ट साफ इशारा कर रहा है कि मानसून अभी थमने का नाम नहीं ले रहा। दिल्ली से लेकर उत्तराखंड तक, बिहार से लेकर छत्तीसगढ़ तक — देशभर में अगले पांच दिन भारी बारिश, तेज आंधी और संभावित बाढ़-भूस्खलन की चुनौतियों से भरे रहने वाले हैं। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी मौसम विभाग के हर अपडेट पर पैनी नजर बनाए रखने की जरूरत है।

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