NEET पेपर लीक पर छात्रों का विस्फोट! इंदौर में सड़कों पर बवाल, मंत्री के घर पहुंच गए छात्र! NEET विवाद ने मचाया बड़ा हंगामा

नीट पेपर लीक पर इंदौर में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर पहुंचे छात्र, दो हिरासत में

इंदौर: नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर इंदौर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। भंवरकुआं चौराहे पर बड़ी संख्या में छात्र और युवा हाथों में पोस्टर, बैनर और तख्तियां लेकर परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

बुधवार सुबह प्रदर्शन ने नया मोड़ ले लिया, जब कुछ छात्र मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर पहुंच गए। छात्रों का आरोप है कि मंत्री ने आंदोलन कर रहे युवाओं के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके विरोध में वे प्रदर्शन करने पहुंचे थे। पुलिस ने मौके से दो छात्रों को हिरासत में ले लिया।

इससे पहले मंगलवार को भी दिनभर भंवरकुआं चौराहे पर बड़ी संख्या में छात्र धरने पर बैठे रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है, इसलिए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

पुलिस का कहना है कि भंवरकुआं चौराहे पर चल रहा धरना बिना अनुमति के किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शन की लगातार वीडियोग्राफी कराई जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

उधर, इस मुद्दे की गूंज मध्य प्रदेश विधानसभा में भी सुनाई दी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने सदन में जोरदार हंगामा किया। विपक्ष ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर छात्रों के लिए आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया, जबकि सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जिस विषय पर स्थगन प्रस्ताव लाया गया, वह राज्य सरकार से संबंधित नहीं है, इसलिए उस पर चर्चा नहीं कराई जा सकती। विधानसभा अध्यक्ष ने भी इसी आधार पर स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। इसके बाद विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।

नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का आक्रोश अभी भी जारी है। प्रदर्शनकारी निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग पर अड़े हुए हैं।

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