गाजीपुर में खाद संकट को लेकर किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने खाद की उपलब्धता और समस्याओं के समाधान की मांग की।
गाजीपुर। गाजीपुर में खाद संकट समेत किसानों की कई समस्याओं को लेकर सोमवार को अखिल भारतीय किसान महासभा ने प्रदर्शन किया। प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत किसान नेताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और खेती से जुड़ी दूसरी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की।
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अखिल भारतीय किसान महासभा के नेताओं ने कहा कि गाजीपुर में खाद संकट के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि कई जगह किसानों को जरूरत के मुताबिक उर्वरक नहीं मिल पा रहा है। वहीं, बाजार में खाद की कीमत भी अधिक होने की शिकायत सामने आ रही है।
गाजीपुर में खाद संकट पर किसान नेताओं ने उठाई आवाज
अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि किसानों की स्थिति लगातार कठिन होती जा रही है। उन्होंने सरकार की कृषि नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि खेती में लागत बढ़ने और आमदनी कम होने से किसान परेशान हैं।
ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा के मुताबिक, घाटे की खेती के कारण कई खेत मालिक खुद खेती नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते गांवों में बड़ी संख्या में खेत पेशगी या बंटाई पर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान कर्ज के बोझ से भी परेशान हैं।
उन्होंने सरकार की नीतियों को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। किसान नेता ने कहा कि खेती को लाभकारी बनाने के लिए सरकार को किसानों की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
गाजीपुर में खाद संकट : कीमत को लेकर भी उठे सवाल
ज्ञापन के दौरान गाजीपुर में खाद संकट के साथ खाद की कीमत का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। महासभा के जिलाध्यक्ष मनोज कुशवाहा ने आरोप लगाया कि सहकारी समितियों पर दबंगों का कब्जा होने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है।
उन्होंने दावा किया कि बाजार में किसानों को निर्धारित कीमत से डेढ़ से दो गुना तक अधिक कीमत पर खाद खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। किसान नेताओं ने इस मामले में प्रशासन से जांच और जरूरी कार्रवाई की मांग की।

किसानों का कहना है कि खेती के सीजन में समय पर खाद नहीं मिलने से फसल प्रभावित हो सकती है। ऐसे में प्रशासन को खाद की उपलब्धता और बिक्री व्यवस्था पर निगरानी बढ़ानी चाहिए।
बंटाईदार किसानों की स्थिति पर भी चिंता
किसान महासभा ने बंटाई पर खेती करने वाले किसानों की समस्याओं को भी उठाया। नेताओं ने कहा कि बंटाईदार किसान पहले से ही कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उनके पास जमीन का मालिकाना हक नहीं होने के कारण खेती से जुड़ी कई सुविधाओं तक पहुंच भी मुश्किल हो जाती है।
किसान नेताओं ने कहा कि बढ़ती लागत के बीच बंटाई पर खेती करने वाले किसानों के सामने आर्थिक दबाव और बढ़ गया है। ऐसे किसानों की समस्याओं पर भी सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
अमेरिकी ट्रेड डील को लेकर भी जताई नाराजगी
अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने अमेरिकी ट्रेड डील को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की नीतियों का असर किसानों पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि किसान संगठन इन मुद्दों को लेकर देशभर में आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। किसान महासभा ने सरकार से कृषि क्षेत्र से जुड़े फैसलों में किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।
गाजीपुर में खाद संकट : कर्ज और खेती की लागत का मुद्दा भी उठा
ज्ञापन के दौरान किसानों ने कर्ज और खेती की बढ़ती लागत का मुद्दा भी उठाया। किसान नेताओं का कहना है कि खाद, बीज और दूसरी कृषि सामग्री की कीमत बढ़ने से खेती का खर्च लगातार बढ़ रहा है।
किसानों के मुताबिक, जब फसल का उचित दाम नहीं मिलता तो लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कर्ज का बोझ बढ़ने की स्थिति बनती है। किसान महासभा ने सरकार से किसानों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के तहत किसान नेता और कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखा।

ज्ञापन देने वालों में ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा, मनोज कुशवाहा, रामबदन बिंद, प्रमोद कुशवाहा और योगेंद्र भारती समेत कई किसान नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे।
किसानों ने मांग की कि गाजीपुर में खाद संकट को जल्द दूर किया जाए। इसके साथ ही सहकारी समितियों पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और किसानों को निर्धारित कीमत पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।
गाजीपुर जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट
किसानों ने की तत्काल समाधान की मांग
किसान नेताओं ने कहा कि खेती के समय खाद की उपलब्धता बेहद जरूरी है। यदि किसानों को समय पर उर्वरक नहीं मिलता है तो इसका सीधा असर फसल उत्पादन पर पड़ सकता है।
महासभा ने प्रशासन से खाद की बिक्री व्यवस्था की निगरानी करने, अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायतों की जांच करने और किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की।
फिलहाल गाजीपुर में खाद संकट को लेकर किसान संगठनों की ओर से प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है। अब किसानों की मांगों पर प्रशासन और सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।
गाजीपुर में खाद संकट : किसानों की प्रमुख मांगें
- गाजीपुर में खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- किसानों को निर्धारित कीमत पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।
- खाद की कालाबाजारी और अधिक कीमत वसूली की शिकायतों की जांच हो।
- सहकारी समितियों पर खाद वितरण व्यवस्था को बेहतर किया जाए।
- बंटाईदार और छोटे किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाए।
नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी और किसान नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार की गई है।
